बिहार विधानसभा में पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भाकपा-माले का प्रदर्शन

बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को पेपर लीक के मुद्दे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भाकपा-माले और विपक्षी विधायकों ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया।

बिहार विधानसभा में पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भाकपा-माले का प्रदर्शन
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पटना: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को पेपर लीक के मुद्दे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भाकपा-माले और विपक्षी विधायकों ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान नई शिक्षा नीति-2020 का विरोध करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

भाकपा-माले विधायक दल के नेता अरुण सिंह, विधान परिषद सदस्य शशि यादव और विधायक संदीप सौरभ ने हाथों में पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक पर रोक लगाने, नई शिक्षा नीति-2020 को वापस लेने, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को समाप्त करने की मांग उठाई।

प्रदर्शन के दौरान अरुण सिंह ने आरोप लगाया कि देश में पेपर लीक की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और सरकार इस पर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्र लंबे समय से आंदोलन और अनशन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ पुलिस द्वारा सख्ती की गई।

विधान परिषद सदस्य शशि यादव और विधायक संदीप सौरभ ने भी सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर असंवेदनशील होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष छात्रों के साथ खड़ा है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। साथ ही उन्होंने पेपर लीक की घटनाओं की जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

भाकपा-माले नेताओं ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से कदम उठाना चाहिए और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।